उपायुक्त (प्रशासन) राज्य कर, नोएडा ने बताया कि राज्य कर विभाग गौतमबुद्धनगर जोन नोएडा के अधिक्षेत्र में पंजीकृत फर्मों की रेकी जांच के दौरान राज्य क्षेत्राधिकार के अन्तर्गत पंजीकृत 20 फर्म तथा केन्द्रीय क्षेत्राधिकार के अन्तर्गत पंजीकृत 60 फर्म बोगस/अस्तित्वहीन पायी गयी। उक्त फर्मों द्वारा पंजीयन हेतु दाखिल प्रपत्रों की जांच पर पाया गया कि संबंधित फर्मों द्वारा फर्जी प्रपत्रों के आधार पर कपटपूर्ण तरीके से करापवंचन की मंशा से पंजीयन प्राप्त किये गये है, जिनका पंजीयन निरस्त करते हुए अग्रिम कार्यवाही की गयी।
जांच पर पाया गया कि उक्त फर्मों द्वारा कुल 1027 फर्मों को रुपये 637 करोड की आई०टी०सी० पासआन की गयी है। इन फर्मों में 455 फर्म उत्तर प्रदेश राज्य में तथा 574 फर्म उत्तर प्रदेश राज्य के बाहर पंजीकृत हैं। बोगस/अस्तित्वहीन फर्मों की रु0 78.27 करोड की आई0टीसी० ब्लॉक की जा चुकी है तथा उक्त फर्मों पर विधिक कार्यवाही करते हुए रु० 1788.99 करोड की मांग सृजित की गयी है। बोगस फर्मों की चैन एनालिसिस करते हुए वास्तविक लाभार्थियों की पहचान करते हुए उनके करनिर्धारण अधिकारियों को सूचना प्रेषित की गयी है। इस प्रकार के मामलों में अब तक रुपये 162.89 करोड की मांग सृजित की गयी है।
उन्होंने बताया कि शासन की करापवंचन के विरुद्ध जीरो टालटेन्स की नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के क्रम में बोगस फर्मों पर कार्यवाही करते हुए तथा ऐसी फर्मों के पीछे कार्यरत मास्टरमाइंड व्यक्तियों की पहचान सुनिश्चित करते हुए उन पर कार्यवाही कराये जाने के उद्देश्य से सभी मामलों में एफ0आई0आर0/तहरीर पुलिस थानों में दी गयी है, जिसके क्रम में अब तक 9 व्यक्तियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।

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